खेत की मेहनत,
बाज़ार की ताकत।
देहात एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, जयपुर ज़िले के 1,200 से अधिक छोटे और सीमांत किसानों का साझा उद्यम है — बीज से लेकर बाज़ार तक, हर कदम पर साथ। SFAC की 10,000 FPO योजना के अंतर्गत प्रवर्तित।
एक साझा ताकत, हर खेत के लिए
भारत में लगभग 86% किसान छोटे और सीमांत हैं, जिनकी औसत भूमि जोत 1.1 हेक्टेयर से भी कम है। अकेले इन किसानों के लिए अच्छे बीज, उर्वरक, तकनीक और उचित बाज़ार तक पहुंच पाना मुश्किल होता है — और उपज बेचते समय बिचौलियों के कारण उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता।
किसान उत्पादक कंपनी (FPC) इसी समस्या का समाधान है — किसान कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत एक साझा उद्यम बनाते हैं, जिसमें सामूहिक खरीद, प्रसंस्करण और सीधी बाज़ार बिक्री से हर सदस्य को फायदा मिलता है। भारत सरकार की "10,000 FPO के गठन एवं संवर्धन" केंद्रीय योजना के तहत हमारी कंपनी की स्थापना भी इसी उद्देश्य से जयपुर ज़िले में हुई।
आज देहात एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी, सैकड़ों किसान परिवारों को आदान आपूर्ति से लेकर निर्यात तक की पूरी श्रृंखला में सहयोग दे रही है।
बीज से बाज़ार तक — छह सेवाएं, एक साथ
हर सेवा का उद्देश्य एक ही है — सदस्य किसान की लागत घटे और उपज का सही मूल्य मिले।
बीज व कृषि आदान
गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक व कीटनाशक — सामूहिक खरीद से कम दर पर, गांव स्तर पर ही उपलब्ध।
कृषि यंत्र किराया केंद्र
ट्रैक्टर, थ्रेशर व अन्य आधुनिक उपकरण किराए पर — छोटे किसानों के लिए मशीनीकरण आसान।
भंडारण व एकत्रीकरण
गांव स्तर पर संग्रहण केंद्र, जहां उपज का सही तौल, ग्रेडिंग व सुरक्षित भंडारण होता है।
बाज़ार संपर्क व निर्यात
मंडी, संस्थागत खरीदारों व निर्यातकों से सीधा संपर्क — बिचौलियों के बिना बेहतर मूल्य।
ऋण व बीमा सुविधा
बैंकों व NABARD से जुड़ाव कर ऋण, क्रेडिट गारंटी व फसल बीमा में सहयोग।
प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण
उन्नत कृषि तकनीक, जैविक खेती व उद्यमिता पर नियमित प्रशिक्षण शिविर।
सदस्यता का सीधा हिसाब
स्वतंत्र अध्ययनों के अनुसार, उत्पादक कंपनी के माध्यम से बिक्री करने वाले किसानों को निम्न प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं — आंकड़े PwC के मूल्यांकन अध्ययन पर आधारित हैं।
बेहतर मूल्य प्राप्ति — कंपनी के माध्यम से सीधी बिक्री करने वाले सदस्यों को औसतन इतना अधिक भाव मिला है।
कम विपणन लागत — पारंपरिक चैनल की तुलना में परिवहन व मंडी शुल्क में बचत।
प्रति एकड़ बचत — सामूहिक आदान खरीद से सदस्यों की औसत लागत में प्रत्यक्ष बचत।
निरंतर सहयोग — गठन के बाद हर FPC को प्रबंधन, बाज़ार व तकनीकी सहयोग की हैंडहोल्डिंग सहायता।
राजस्थान की धरती, हमारी फसलें
हमारे सदस्य किसानों द्वारा उगाई व कंपनी द्वारा एकत्रित की जाने वाली प्रमुख फसलें।
गेहूंWHEAT
जौbarley
बाजराPEARL MILLET
मक्काmaiz
ग्वारGUAR
चनाGRAM
मूंगMoong
मोठMOTH
धनियाCoriander
जीराCUMIN
सरसोंMUSTARD
सोयाबीनSOYABEAN
सब्जियाँVegatables
फ़लFruits
मूँगफलीGroundnut
कपासCotton
बीज से भुगतान तक — पूरी प्रक्रिया
सदस्यता लेने से लेकर मुनाफे तक, हर सदस्य किसान इन चरणों से गुज़रता है।
किसान पंजीकरण
नीचे दिए फॉर्म से सदस्यता हेतु आवेदन करें — ज़मीन व पहचान विवरण के सत्यापन के बाद शेयर सर्टिफिकेट जारी होता है।
आदान आपूर्ति व प्रशिक्षण
बुवाई पूर्व बीज, उर्वरक व तकनीकी प्रशिक्षण गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाता है।
उत्पादन में सहयोग
फसल अवधि के दौरान कृषि विशेषज्ञों की सलाह व कस्टम हायरिंग सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।
एकत्रीकरण व गुणवत्ता जांच
कटाई के बाद उपज गांव संग्रहण केंद्र पर एकत्रित होती है, जहां तौल व ग्रेडिंग पारदर्शी रूप से होती है।
बाज़ार व निर्यात बिक्री
कंपनी मंडी, संस्थागत खरीदारों व निर्यातकों से बेहतर भाव पर सौदा तय करती है।
भुगतान व लाभांश
बिक्री राशि सीधे सदस्य के बैंक खाते में, तथा वार्षिक लाभ का एक हिस्सा लाभांश के रूप में वितरित होता है।
किसान जो कहते हैं
पहले मंडी तक उपज ले जाना मुश्किल था, अब कंपनी गांव से ही उठाव कर लेती है — समय व किराया दोनों बचता है।
रामलाल जीसदस्य किसान, ग्राम चाकसूसामूहिक खरीद से बीज व खाद सस्ते मिले, और पिछले साल लाभांश भी मिला — यह उम्मीद नहीं थी।
सीता देवीसदस्य किसान, ग्राम दूदूप्रशिक्षण शिविर में जैविक खेती सीखी, अब इसबगोल की उपज में भी सुधार आया है।
मोहन सिंहसदस्य किसान, ग्राम फागीसदस्यता व पूछताछ फॉर्म
किसान सदस्यता के लिए आवेदन करें, या खरीदार/संस्था के रूप में हमसे संपर्क करें।
आधिकारिक संसाधन
किसान उत्पादक कंपनियों से जुड़ी सरकारी योजनाओं, पोर्टल व दिशा-निर्देशों के आधिकारिक लिंक।
आपके सवाल
सदस्य कैसे बनें?
ऊपर दिए "किसान सदस्यता फॉर्म" में अपनी जानकारी भरें। सत्यापन के बाद आपको शेयर राशि जमा करने व सदस्यता प्रमाण-पत्र की जानकारी दी जाएगी।
न्यूनतम भूमि की आवश्यकता क्या है?
कोई न्यूनतम भूमि सीमा नहीं है — भूमिहीन किरायेदार किसान भी कुछ शर्तों के साथ सदस्य बन सकते हैं। विवरण हेतु कार्यालय से संपर्क करें।
शेयर मूल्य कितना है?
वर्तमान शेयर मूल्य व न्यूनतम शेयरों की संख्या कंपनी की वार्षिक साधारण सभा (AGM) में तय होती है। नवीनतम जानकारी कार्यालय से प्राप्त करें।
लाभांश कैसे व कब मिलेगा?
वार्षिक लेखा-परीक्षा के बाद बोर्ड द्वारा घोषित लाभांश सीधे सदस्य के पंजीकृत बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाता है।
क्या गैर-सदस्य किसान भी उपज बेच सकते हैं?
कंपनी की प्राथमिकता सदस्य किसानों को है, परंतु क्षमता उपलब्ध होने पर गैर-सदस्यों से भी सीमित मात्रा में खरीद की जा सकती है।